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श्री बृहत् भागवतामृत
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खण्ड 1: प्रथम-खण्ड: श्री भगवत कृपा सार निधार
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अध्याय 7: पूर्ण (उत्कृष्ट भक्तों का शिखर)
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श्लोक 53
श्लोक
1.7.53
एवम् अग्रे सरन् गोभिर्
अम्बुधेर् निकटं गतः
महा-कल्लोल-मालाभिः
कोलाहल-वतो ’च्युतः
अनुवाद
इस प्रकार भगवान अच्युत गायों के साथ आगे बढ़े और समुद्र के पास पहुंचे, जहां एक के बाद एक प्रचंड गर्जन करती लहरें आ रही थीं।
Thus Lord Acyuta proceeded with the cows and reached the ocean, where the waves were coming one after another with great roar.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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