श्री-भगवान् उवाच
अद्य प्रभाते भो मातर्
अस्मिन्न् एव क्षणे मया
चित्राः कति कति स्वप्ना
जाग्रतेव न वीक्षिताः
अनुवाद
परमपिता परमेश्वर ने कहा: प्रिय माता, आज सुबह सोते समय मैंने क्षण भर में ही अनेक आश्चर्यजनक चीजें देखीं, मानो मैं जाग रहा था!
Almighty God said: Dear Mother, this morning while I was asleep I saw so many amazing things in a moment, as if I were awake!
तात्पर्य
वर्षों पहले, मथुरा आने से पूर्व, कृष्ण ने व्रज को ही अपना वास्तविक घर माना था। अब उस प्रारंभिक भाव में लौटकर, कृष्ण ने यह मान लिया कि मथुरा और द्वारका में उनके अनुभव मात्र एक स्वप्न थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥