कृष्ण अपने व्रज भक्तों की आस्था को सुदृढ़ करने के लिए उन्हें प्रेमपूर्ण भावनाओं से भरा और स्वयं अपने हाथ से लिखा एक पत्र भेज रहे थे: "मेरे प्रिय मित्रों, कृपया जान लें कि जैसे ही मैं अपने कर्तव्यों का निपटारा कर लूँगा और यहाँ अपने सम्बन्धियों को संतुष्ट कर लूँगा, मैं शीघ्र ही वापस आ जाऊँगा। मैं वहाँ उपस्थित रहूँगा।"
To strengthen the faith of His devotees in Vraja, Krishna was sending them a letter filled with loving sentiments and written in His own hand: "My dear friends, please know that as soon as I have finished my duties and satisfied my relatives here, I will return soon. I will be present there."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥