प्रिय भाई, कुछ लोग सिर्फ़ इस उम्मीद पर जीते हैं कि आपके वादे सच थे। बेहतर होगा कि आप इससे ज़्यादा ख़बरें न माँगें।
Dear brother, some people live only on the hope that your promises were true. You'd better not ask for more news than that.
तात्पर्य
इस कथन का मार्मिक भावार्थ निकलता है — कि यमुना नदी के किनारे बसे व्रज के अधिकांश निवासी, कृष्ण जी से विरह को सहन न करके, देह-त्याग कर चुके थे। वे अपने मूल स्वरूप में, कृष्ण जी की लीलाओं में, द्वारका या अन्यत्र सहभागी बन चुके होंगे। अन्य व्रजवासियों ने कृष्ण जी का स्मरण व उनकी अअव्यक्त और परलोकिक लीलाओं का अनुभव करते हुए, कृष्ण जी के लिए अपने प्राणों को संभाले रखा। एक से अधिक बार, कृष्ण जी ने व्रजवासियों से लौटने का वचन दिया था। इसलिए, उनके कुछ भक्तों को अभी भी प्रतीक्षा थी, जबकि अन्य ने सारी आशाएँ खो दी थीं। भगवान बलराम ने कृष्ण जी से व्रज के समाचार और आगे न पूछने को कहा, क्योंकि यह उपस्थित भक्तों के लिए बहुत दुःखदायी होगा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥