श्री-बलदेव उवाच
गवां केव कथा कृष्ण
ते ते ’पि भवतः प्रियाः
मृगा विहङ्गा भाण्डीर-
कदम्बाद्याश् च पादपाः
अनुवाद
श्री बलदेव ने कहा: हे कृष्ण, केवल गायों की ही बात क्यों करते हो? व्रज के सभी पशु, पक्षी और भाण्डी तथा कदम्ब जैसे वृक्ष भी तुम्हारे प्रिय मित्र हैं।
Sri Baladeva said: O Krishna, why do you speak only of cows? All the animals, birds, and trees like the Bhandi and Kadamba trees of Vraja are also your dear friends.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥