अब वे हमें धोखा देकर चले गए हैं, तो हम कैसे जीवित रह पाएँगे? हे ब्राह्मण! पहले तो कम से कम हमें उनके दर्शन तो होते थे, जो प्राप्त करना कितना कठिन था!
Now that he has deceived us and gone away, how will we survive? O Brahmin! Earlier, at least we had the opportunity to see him, which was so difficult to obtain!
तात्पर्य
अपने भाइयों की तरह ही नकुल और सहदेव कृष्ण की कृपा का मूल्यांकन इसी से करते थे कि वे उन्हें अपना व्यक्तिगत संग कैसे देते हैं। वे अपने आपको भाग्यशाली तभी मानते थे जब वे उनके साथ रहते और उनका दर्शन करते थे, राजसूय यज्ञ में और अन्य अवसरों पर।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥