कस्मिन्न् अपि प्राज्ञ-वरैर् विविक्ते
गर्गादिभिर् यो निभृतं प्रकाश्यते
नारायणो ’सौ भगवान् अनेन
साम्यं कथञ्चिल् लभते न चापरः
अनुवाद
केवल कुछ गोपनीय बैठकों में ही गर्ग जैसे बुद्धिमान ऋषियों ने यह बताया कि कृष्ण वास्तव में कौन हैं: वे जिनकी भगवान नारायण केवल आंशिक रूप से ही बराबरी कर सकते हैं, अन्य कोई भी उनके निकट भी नहीं आ सकता।
Only in a few secret meetings did wise sages like Garga reveal who Krishna really is: the one whom Lord Narayana can only partially equal, no one else can even come close.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥