पवित्र भक्त आश्वस्त हैं कि भगवान स्थायी रूप से पृथ्वी पर प्रकट हुए अपने शाश्वत निवास में उपस्थित हैं। हालाँकि, वह आश्वासन भक्तों की भगवान के साथ अपने व्यक्तिगत संबंध को साकार करने की प्रबल उत्सुकता से उत्पन्न होता है। उस तीव्र इच्छा के बिना, किसी को भी उनकी उपस्थिति में बहुत अधिक विश्वास नहीं होगा। यह सच है कि श्री वृंदावन और परम भगवान के कुछ अन्य निवास स्थानों में, कभी-कभी अपरिपक्व विश्वास वाले भक्तों को भी भगवान और उनके लीलाओं का दर्शन दिया जाता है। लेकिन हमें समझना चाहिए कि यह केवल इन स्थानों की विशेष क्षमता के कारण होता है, जो भगवान के व्यक्तित्व को असाधारण रूप से प्रिय हैं। आजकल भगवान स्वयं को उतनी आसानी से हर उस पवित्र स्थान पर प्रकट नहीं करते हैं जहां वह अतीत में प्रकट हुए थे।
