श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 1: प्रथम-खण्ड: श्री भगवत कृपा सार निधार  »  अध्याय 4: भक्त (भक्त)  »  श्लोक 117
 
 
श्लोक  1.4.117 
अहो किम् अपरे श्रीमद्-
द्रौपदी महिषी-वरा
तादृशा भ्रातरः श्रीमद्-
भीमसेनार्जुनादयः
 
 
अनुवाद
देखो, उनकी सर्वश्रेष्ठ रानी कोई और नहीं, बल्कि श्रीमती द्रौपदी हैं, और उनके भाई धन्य भीमसेन और अर्जुन जैसे पुरुष हैं।
 
Behold, his best queen is none other than Srimati Draupadi, and his brothers are men like the blessed Bhimasena and Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)