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श्री बृहत् भागवतामृत
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खण्ड 1: प्रथम-खण्ड: श्री भगवत कृपा सार निधार
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अध्याय 3: प्रपञ्चातीत (भौतिकता से परे)
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श्लोक 76
श्लोक
1.3.76
भगवद्-वचनानि त्वं
किं नु विस्मृतवान् असि
अधीतानि पुराणेषु
श्लोकम् एतं न किं स्मरेः
अनुवाद
इस बारे में भगवान के वचन आप ज़रूर भूले नहीं होंगे। आपने उन्हें पुराणों में पढ़ा होगा और आपको यह श्लोक याद होगा:
You certainly haven't forgotten God's words on this matter. You may have read them in the Puranas and remember this verse:
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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