वैकुंठ में संकीर्तन और अन्य अनेक रूपों में की जाने वाली भक्ति के अलावा कुछ भी नहीं है। यह निरंतर, अत्यंत उत्साह के साथ, शुद्ध प्रेम का आनंद फैलाती रहती है।
There is nothing in Vaikuntha except the chanting of the name Sankirtana and its many other forms of devotion. It continuously, with great enthusiasm, spreads the joy of pure love.
तात्पर्य
आध्यात्मिक जगत के भक्तगण परम प्रभु के गौरवगान और उनकी प्रसन्नता के लिए गायन और नृत्य करने में कभी नहीं थकते हैं। वहाँ, प्रेम-भक्ति ही एकमात्र क्रिया है। वैकुंठ में कोई भी जो कुछ भी करता है, वह शुद्ध सेवा है और उससे भिन्न कुछ नहीं है, क्योंकि सभी निवासी भक्ति में अटल रूप से स्थिर हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥