ये सदैव मुक्त वीकुंठ वासी हमेशा दूसरों की मदद करते हैं। वे भौतिक संसार में भक्ति सेवा के सिद्धांतों की गलतफहमी से निःस्वार्थ व्यक्तियों की रक्षा करते हैं और इस प्रकार यमराज के दूतों से सजा दिए जाने से बचाते हैं। भक्तों की भलाई के लिए वे साधु परिवारों में उनके अवतरण को प्रोत्साहित करते हैं, उनकी समृद्धि और प्रभाव को बढ़ाते हैं। भक्तों के प्रचार में वो अदृश्य मदद करते हैं, जिससे अधिक से अधिक जीव कृष्ण भावनामृत में वापस आ सकें। आध्यात्मिक गुरुओं के रूप में वीकुंठवासी और उनके प्रतिनिधि कर्म और ज्ञान से जुड़ाव की बाधाओं को दूर करते हैं और अपने शिष्यों को विभिन्न तरीकों से कृष्ण की सेवा में समर्पित करने के लिए प्रेरित करते हैं। चूँकि वीकुंठ के निवासी कर्म के प्रतिबंधों से मुक्त हैं, इसलिए उनका प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता है।
